भारत और मालदीव के बीच शुरू हुआ फवारा-यूपीआई भुगतान कॉरिडोर, अब तुरंत होगा सीमा-पार डिजिटल लेनदेन
भारत और मालदीव के बीच फवारा-यूपीआई भुगतान कॉरिडोर शुरू होने से अब मालदीव से भारत में यूपीआई खातों में तत्काल धन हस्तांतरण संभव होगा, जिससे डिजिटल वित्तीय सहयोग मजबूत होगा।
भारत और मालदीव के बीच डिजिटल वित्तीय सहयोग को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने फवारा-यूपीआई (Favara-UPI) सीमा-पार भुगतान कॉरिडोर की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से अब मालदीव के नागरिक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप का उपयोग कर भारत के यूपीआई से जुड़े बैंक खातों में तत्काल धनराशि भेज सकेंगे।
मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) ने 30 जुलाई को मालदीव इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम ‘फवारा’ और भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के सफल एकीकरण की घोषणा की। इसे सीमा-पार डिजिटल भुगतान और भारत-मालदीव आर्थिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत मालदीव के उपयोगकर्ता मालदीवी रूफिया (एमवीआर) में व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) भुगतान कर सकेंगे। यह राशि तत्काल भारतीय मुद्रा रुपये (आईएनआर) में परिवर्तित होकर भारत में लाभार्थी के यूपीआई-सक्षम बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
इस सेवा के पहले चरण में बैंक ऑफ मालदीव पीएलसी और मालदीव इस्लामिक बैंक पीएलसी को शामिल किया गया है। इन दोनों बैंकों के ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन के माध्यम से फवारा भुगतान प्रणाली का उपयोग कर भारत में धनराशि भेज सकेंगे।
शुरुआती चरण में यह सुविधा मुख्य रूप से परिवार के भरण-पोषण के लिए भेजी जाने वाली वैध विदेशी प्रेषण राशि तथा विदेशी प्रेषण नियमों के तहत अनुमत उपहार संबंधी धनराशि के हस्तांतरण के लिए उपलब्ध होगी।
इस सीमा-पार भुगतान प्रणाली को मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल), दोनों देशों के सहभागी बैंकों और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विकसित किया गया है।
यह एकीकरण जुलाई 2025 में एनआईपीएल और एमएमए के बीच हुए समझौते के बाद संभव हुआ। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण, प्रमाणन, ऑनबोर्डिंग और लाइव वैलिडेशन सहित पूरी प्रक्रिया केवल 10 दिनों में पूरी कर प्रणाली को परिचालन के लिए तैयार कर दिया गया।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि आगामी चरणों में इस सहयोग का विस्तार किया जाएगा। इसमें क्यूआर कोड आधारित व्यापारी भुगतान, अन्य डिजिटल भुगतान सेवाएं और अतिरिक्त सीमा-पार भुगतान सुविधाएं शामिल की जाएंगी, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय संबंध और मजबूत होंगे।
इस पहल से भारत के यूपीआई नेटवर्क की वैश्विक पहुंच भी और विस्तृत हुई है। वर्तमान में भारतीय यात्री कंबोडिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका सहित कई देशों में यूपीआई के माध्यम से सहज डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।