बिहार के गया जी में कुएं के अंदर जहरीली गैस से चार लोगों की मौत, सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान
बिहार के गया जी में कुएं के अंदर मोटर की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हुई। सरकार ने चार-चार लाख रुपये सहायता घोषित की।
बिहार के गया जी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये लोग कुएं के अंदर मोटर की मरम्मत कर रहे थे, इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दम घुटने से उनकी जान चली गई। घटना जिले के डोभी थाना क्षेत्र के गरह करमौनी गांव में हुई।
मृतकों की पहचान चमारी मांझी, उनके बेटे दिलचंद मांझी, विकास चौधरी और विजय चौधरी के रूप में हुई है। गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि चारों लोगों की मौत कुएं के अंदर जहरीली गैस के संपर्क में आने के बाद दम घुटने से होने की आशंका है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
कुएं, सीवर टैंक और अन्य बंद स्थानों में जहरीली गैस के कारण दम घुटने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे स्थानों में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों की मौजूदगी का पता लगाए बिना प्रवेश करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है।
पिछले महीने नोएडा के सेक्टर-150 में एक आवासीय सोसायटी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक की सफाई के दौरान एक कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड की दम घुटने से मौत हो गई थी। वहीं, झारखंड के रामगढ़ में जून में एक अवैध खदान में चार लोगों की संदिग्ध दम घुटने से मौत हुई थी।
गया जी की घटना ने एक बार फिर कुएं और बंद स्थानों में काम करने के दौरान सुरक्षा उपायों की जरूरत को रेखांकित किया है।