ईंधन आपूर्ति पर केंद्र की नजर: अमित शाह की अगुवाई में तीन मंत्रियों की समिति गठित
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी आपूर्ति की निगरानी के लिए अमित शाह की अध्यक्षता में तीन मंत्रियों की समिति बनाई, ताकि अफवाहों पर रोक लगे और ईंधन वितरण सुचारू रहे।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में तीन मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की आपूर्ति की लगातार निगरानी करेगी।
इस समिति में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। सरकार ने यह समिति 12 मार्च को तत्काल प्रभाव से गठित की ताकि राजधानी नई दिल्ली समेत देश में ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आई थीं। इसके चलते पेट्रोल, डीज़ल और गैस की संभावित कमी को लेकर अफवाहें फैलने लगी थीं। इसी स्थिति से निपटने और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह समिति बनाई गई है।
और पढ़ें: संसद सत्र 2026 : LPG सिलेंडर की कमी पर कांग्रेस ने किया हंगामा
इससे पहले दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने तेल कंपनियों, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), दिल्ली पुलिस और खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में बताया गया कि फिलहाल पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, गैस बुकिंग के अंतराल को 25 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। साथ ही पुलिस और प्रशासन को जमाखोरी, चोरी और कालाबाज़ारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति रोजाना ईंधन भंडार की समीक्षा करेगी, आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय लेगी। सरकार का उद्देश्य अफवाहों को रोकना और जनता को भरोसा दिलाना है कि देश में ईंधन की उपलब्धता सुरक्षित है।
और पढ़ें: यूएई के फुजैरा तेल हब में आग, मध्य पूर्व संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति पर असर