दुबई गोल्डन वीज़ा पर गौरव गोगोई का तंज, पासपोर्ट विवाद के बीच हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना
गौरव गोगोई ने दुबई के गोल्डन वीज़ा का जिक्र कर पासपोर्ट विवाद के बीच हिमंत बिस्वा सरमा पर तंज कसा, जिससे असम की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
असम की राजनीति में पासपोर्ट विवाद को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तंज कसते हुए दुबई के “गोल्डन वीज़ा” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे दुबई के गोल्डन वीज़ा के बारे में पढ़ रहे हैं, जो निवेशकों को संयुक्त अरब अमीरात में लंबे समय तक रहने की अनुमति देता है।
गौरव गोगोई का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पासपोर्ट से जुड़े एक विवाद को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि गोगोई ने सीधे तौर पर सरमा का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
दुबई का गोल्डन वीज़ा एक विशेष प्रकार का दीर्घकालिक निवास परमिट है, जो निवेशकों, उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को संयुक्त अरब अमीरात में लंबे समय तक रहने, काम करने और निवेश करने की सुविधा देता है। इस वीज़ा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी चर्चा होती रही है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गौरव गोगोई का यह बयान असम में चल रहे पासपोर्ट विवाद पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी है, जो आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच इस तरह के बयान माहौल को और गर्मा रहे हैं।
इस पूरे मामले ने असम की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।