जिनेवा में मंगलवार को ईरान और रूस-यूक्रेन पर अलग-अलग अहम वार्ता
जिनेवा में 17 फरवरी को अमेरिका, ईरान, रूस और यूक्रेन के बीच अलग-अलग कूटनीतिक वार्ताएं होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और युद्ध समाप्ति की संभावनाएं तलाशना है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार (17 फरवरी 2026) को जिनेवा में ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े दो अलग-अलग कूटनीतिक वार्ता सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह बैठकें वैश्विक राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि इनमें अमेरिका की सक्रिय भूमिका रहेगी।
सूत्र के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर शामिल होंगे, जो मंगलवार सुबह ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में ओमान के प्रतिनिधि मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे और अमेरिका-ईरान के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के रिश्ते संवेदनशील बने हुए हैं।
इसके बाद दोपहर में यही अमेरिकी प्रतिनिधि रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होंगे। इन वार्ताओं का उद्देश्य चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में संभावनाएं तलाशना है। अमेरिका लंबे समय से इस संघर्ष को समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
और पढ़ें: गाजा मिशन की भूमिका को लेकर अनिश्चितता के बीच अमेरिका ने नेतृत्व में बदलाव किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई के बाद दबाव बढ़ाया है और क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति भी मजबूत की है। साथ ही वे रूस और यूक्रेन के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं ताकि युद्ध का अंत हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिनेवा में होने वाली ये बैठकें वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम मोड़ साबित हो सकती हैं। यदि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय तनाव कम करने और स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
और पढ़ें: गाजा में हमास के निरस्त्रीकरण के साथ एक तरह की माफी भी शामिल है: अमेरिकी अधिकारी