जर्मन चांसलर मर्ज के गुजरात आगमन पर अरिहा की वापसी की मांग, मोदी से मुद्दा उठाने की अपील
जर्मन चांसलर मर्ज की भारत यात्रा पर कार्यकर्ताओं ने अरिहा शाह की भारत वापसी की मांग उठाई, मोदी से जर्मनी के सामने बच्ची के अधिकारों का मुद्दा रखने की अपील की।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के गुजरात आगमन के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे पांच वर्षीय भारतीय बच्ची अरिहा शाह की वापसी का मुद्दा जर्मनी के समक्ष जोरदार तरीके से उठाएं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जर्मन सरकार ने अरिहा के मानवाधिकारों और सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।
अरिहा शाह को चार साल पहले जर्मनी में उसके माता-पिता से कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के आधार पर अलग कर दिया गया था। तब से वह जर्मनी में देखरेख प्रणाली के तहत रह रही है। भारत सरकार की ओर से बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद जर्मन सरकार ने अब तक इस बात पर सहमति नहीं दी है कि भारतीय नागरिक अरिहा को भारत लौटने की अनुमति दी जाए और यहां किसी भारतीय परिवार या फोस्टर केयर में उसका पालन-पोषण किया जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि अरिहा की पहचान, संस्कृति और पारिवारिक जुड़ाव भारत से है और उसे अपने देश में, भारतीय परिवेश में बड़ा होने का अधिकार मिलना चाहिए। उनका यह भी आरोप है कि जर्मन प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा और भारत सरकार के अनुरोधों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, अरिहा अपने माता-पिता और जर्मनी में स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है और उनसे नियमित मुलाकात भी होती है। हालांकि, उसे भारत भेजने के संबंध में जर्मन सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
गौरतलब है कि फ्रेडरिक मर्ज सोमवार, 12 जनवरी 2026 को अहमदाबाद से भारत की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। यह चांसलर के रूप में उनकी भारत और एशिया की पहली यात्रा है। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि इस उच्चस्तरीय बैठक में अरिहा शाह का मामला प्रमुखता से उठाया जाएगा और कोई ठोस समाधान निकल सकेगा।
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