प्रियंका गांधी की गोमूत्र विशेषज्ञ टिप्पणी पर गुरुकुल कांगड़ी के कुलपति का पलटवार, बोले- शिक्षकों को संसद विवादों में न घसीटें
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर लूथरा ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों और शिक्षाविदों का सम्मान बनाए रखना चाहिए।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर लूथरा ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की संसद में की गई "गोमूत्र विशेषज्ञ" टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षकों को राजनीतिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि उनकी सफलता के पीछे शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
प्रोफेसर लूथरा ने कहा कि संसद जैसे प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित शिक्षकों और शिक्षाविदों के खिलाफ की गई टिप्पणियां देश और दुनिया में गलत संदेश भेजती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज की मूल भावना का हिस्सा होना चाहिए और राजनीतिक बहस के दौरान भाषा की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी क्षेत्र में ऊंचे पद पर पहुंच जाए, उसके जीवन निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम होती है। ऐसे में शिक्षकों और शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।
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यह विवाद उस समय सामने आया जब संसद में एक बहस के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने कथित तौर पर एक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर राजनीतिक और अकादमिक क्षेत्रों में प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके बाद कई लोगों ने इसे शिक्षकों और विशेषज्ञों के सम्मान से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति जताई।
प्रोफेसर लूथरा ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा में गुरु का स्थान हमेशा सम्मानजनक रहा है। उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को शिक्षकों और शिक्षा जगत से अलग रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और वहां होने वाली हर टिप्पणी का व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और बयानों में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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