होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: मोजतबा खामेनेई का अमेरिका को कड़ा संदेश
ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु क्षमताओं पर अमेरिका को चेतावनी दी, जबकि ट्रंप ने ईरान को कमजोर बताते हुए सख्त रुख बनाए रखा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का नया प्रबंधन क्षेत्र में शांति स्थापित करेगा और दुश्मनों के कथित अत्याचारों को समाप्त करेगा। खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति मानता है और उनकी हर हाल में रक्षा करेगा।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान की वैज्ञानिक, तकनीकी और सैन्य क्षमताएं देश की पहचान का अहम हिस्सा हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों के लिए कोई जगह नहीं है, सिवाय इसके कि वे इसके पानी के नीचे हों।
खामेनेई ने यह भी कहा कि क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना अधिक स्थिर और समृद्ध होगा। उन्होंने जोर दिया कि खाड़ी क्षेत्र के देश आपस में जुड़े हुए हैं और बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप केवल अस्थिरता पैदा करता है।
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वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान इस समय “ढहने की स्थिति” में है और वह होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलना चाहता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रस्तावों को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है, खासकर जब तक परमाणु कार्यक्रम पर ठोस समझौता नहीं होता।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना होना चाहिए। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
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