रियाद एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का हूतियों का दावा, तनाव बढ़ने के बीच उड़ानें रोकी गईं
हूतियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया। धमाकों के बाद उड़ानें रोकी गईं और इलाके में धुआं दिखाई दिया।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया है। इस घटना के बाद हवाईअड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ और इलाके में एक खड़े विमान के पास धुआं उठता दिखाई दिया। हालांकि, हमले और विमान के बीच सीधा संबंध स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सका।
फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार24 ने बताया कि हवाईअड्डे को दोबारा बंद कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, आखिरी लैंडिंग 80 मिनट से अधिक और आखिरी उड़ान 90 मिनट से ज्यादा पहले दर्ज की गई थी।
हवाईअड्डे पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धमाकों के बाद आग बुझाने वाली गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। धुआं भी दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, प्रस्थान करने वाली उड़ानें रोक दी गईं और यात्रियों को अपना चेक-इन सामान वहीं छोड़कर हवाईअड्डे से बाहर जाने के लिए कहा गया। हालांकि, कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली।
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यह घटना सऊदी अरब में हूतियों द्वारा किए गए हालिया हमलों के बीच हुई है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इस सप्ताह पहले हुए दो अलग-अलग हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक सूडानी नागरिक की मौत और आठ लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। अबहा एयरपोर्ट को निशाना बनाए गए दूसरे हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के नागरिकों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए।
तनाव बढ़ने के बीच सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने यमन के पश्चिमी लाल सागर तट तथा बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य अभियान तेज किया है। हूतियों ने करीब एक महीने पहले इन क्षेत्रों पर कब्जा किया था।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूती नियंत्रण वाले क्षेत्र में एक लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट किया है। उनके मुताबिक, इसका इस्तेमाल रियाद पर हमले के लिए किया जा रहा था।
लगातार हो रहे हमलों से सऊदी अरब के हवाईअड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। लाल सागर और बाब अल-मंदब में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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