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चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण के बीच श्रीलंका दौरे पर आएंगी आईएमएफ प्रमुख

आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीएवा 16 फरवरी से श्रीलंका दौरे पर जाएंगी, जहां वह चक्रवात के प्रभावों का आकलन कर आर्थिक पुनर्प्राप्ति और सुधारों पर चर्चा करेंगी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा 16 फरवरी से दो दिवसीय श्रीलंका दौरे पर आएंगी। वैश्विक ऋणदाता संस्था ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब श्रीलंका हालिया चक्रवात और आर्थिक चुनौतियों से उबरने की कोशिश कर रहा है।

यह मार्च 2023 में श्रीलंका के आईएमएफ बेलआउट कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जॉर्जीएवा की पहली यात्रा होगी। गंभीर वित्तीय संकट के बाद श्रीलंका ने आईएमएफ से सहायता पैकेज हासिल किया था, जिसके तहत आर्थिक सुधारों और संरचनात्मक बदलावों की प्रक्रिया शुरू की गई। अब देश हाल ही में आए ‘साइक्लोन डिटवाह’ के प्रभावों से भी जूझ रहा है, जिसने जनजीवन और बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया।

आईएमएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अपने दौरे के दौरान प्रबंध निदेशक सरकारी अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों से मुलाकात करेंगी। वह चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का प्रत्यक्ष आकलन करेंगी और यह चर्चा करेंगी कि आईएमएफ किस प्रकार पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया को मजबूत करने में सहयोग दे सकता है।

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चक्रवात के कारण कई इलाकों में व्यापक क्षति हुई है। बुनियादी ढांचा, आवास और कृषि क्षेत्र पर इसका गंभीर असर पड़ा है। सरकार पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में जुटी हुई है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उम्मीद कर रही है। ऐसे में आईएमएफ प्रमुख का यह दौरा आर्थिक स्थिरता और पुनर्निर्माण के लिए अहम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आईएमएफ की निरंतर सहायता से श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सकती है। वित्तीय अनुशासन, ऋण पुनर्गठन और विकासोन्मुख नीतियों के जरिए देश दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने संकेत दिया है कि वह श्रीलंका के साथ मिलकर ऐसे कदमों पर विचार करेगा, जो न केवल वर्तमान संकट से उबरने में मदद करें, बल्कि भविष्य में आपदाओं और आर्थिक झटकों के प्रति अधिक लचीलापन भी प्रदान करें।

श्रीलंका सरकार को उम्मीद है कि इस दौरे से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मजबूत होगा। यह यात्रा आर्थिक सुधारों और आपदा पुनर्वास प्रयासों के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।

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