पश्चिम एशिया तनाव: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, ईरान की सीमाओं पर बिना समन्वय यात्रा से बचने की सलाह
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों को ईरान की भूमि सीमाओं पर बिना समन्वय यात्रा से बचने की सलाह दी। पश्चिम एशिया में बढ़ते हमलों से क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिक बिना पूर्व समन्वय के ईरान की भूमि सीमाओं की ओर यात्रा न करें। दूतावास के अनुसार सीमा पार करने से पहले स्पष्ट मार्गदर्शन प्राप्त करना आवश्यक है, क्योंकि ईरान से बाहर जाने के बाद दूतावास की कांसुलर सहायता उपलब्ध नहीं हो पाएगी। आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन और ईमेल सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस बीच क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है। बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा ने ईरान द्वारा बहरीन और पड़ोसी अरब देशों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने रमजान के अंतिम दिनों में दिए गए एक संबोधन में इन हमलों को “अभूतपूर्व” और “किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं” बताया।
दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को हुए ताजा हमलों में ईरान की 15 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 12 और 18 ड्रोन में से 17 को मार गिराने का दावा किया। बाकी मिसाइलें समुद्र में गिरीं और एक ड्रोन देश के भीतर गिरा। अब तक ईरान की ओर से दागी गई 253 मिसाइलों और 1,440 ड्रोन में से अधिकांश को नष्ट कर दिया गया है। इन हमलों में चार लोगों की मौत और 117 लोग घायल हुए हैं।
इसी बीच इज़राइल द्वारा ईरान के इस्फहान शहर में एक सरकारी इमारत पर हमले की खबर भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में तीन लोग घायल हुए और दो लोग मलबे में फंस गए।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बताया कि ईरान ने अपने तीन जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर ठहरने की अनुमति मांगी थी, जिसे भारत ने मंजूरी दे दी। इनमें से एक जहाज आईआरआईएस लावन 4 मार्च को कोच्चि बंदरगाह पहुंचा।
उधर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने तेहरान और बुशहर प्रांत के पास कई ड्रोन को मार गिराया है।
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