INDIA गठबंधन की चाय बैठक आज, राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ करेंगे मीडिया से बातचीत
राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं और नागरिक समाज को चाय बैठक के लिए बुलाया। विपक्ष एसआईआर में कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अपने आवास पर चाय बैठक के लिए आमंत्रित किया। बैठक के बाद सभी नेता संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा करना है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चल रहे जन आंदोलन में सभी एकजुट हैं और यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चाय बैठक के बाद सभी मिलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। उनके मुताबिक, सभी विरोध प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर चर्चा होने की संभावना है।
एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेता
यह बैठक सोमवार को विपक्षी नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के एक दिन बाद हो रही है। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठा रहा है।
सोमवार को विपक्ष के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर एसआईआर से संबंधित चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती दी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए और अनियमितताएं हुईं।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि इन बदलावों और नामों को हटाने की प्रक्रिया की समयबद्ध तथा स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है। समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने की मांग भी की गई है।
मतदाताओं को सुनवाई का अवसर देने की मांग
याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे सूचना दी जाए और कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले। पंजाब सहित चुनाव वाले राज्यों में पात्र नागरिकों को कानून के तहत निर्धारित अंतिम तारीख तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर देने की मांग भी की गई है।
विपक्षी दलों का कहना है कि इन मुद्दों पर आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।