होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा, संयुक्त राष्ट्र में पश्चिम एशिया में तनाव घटाने की अपील
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए पश्चिम एशिया में तनाव कम करने, सुरक्षित समुद्री व्यापार बहाल करने और कूटनीतिक समाधान की अपील की।
भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बेहद चिंताजनक है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, हिंसा रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित एवं निर्बाध नौवहन तथा व्यापार को जल्द बहाल करने की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने मंगलवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित खुली बहस में कहा कि क्षेत्र में कुछ समय के विराम के बाद फिर से हमले और संघर्ष तेज हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और भारत तत्काल तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने इस महीने जीएफएस गैलेक्सी, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा सहित कई जहाजों पर हुए हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं में कई भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य अब भी लापता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से नाविकों को निशाना बनाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाली हिंसा की निंदा करता रहा है।
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भारत ने दोहराया कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है। भारत ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री व्यापार और नौवहन को सामान्य बनाया जाना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर वैश्विक ध्यान केंद्रित होने के बावजूद गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और इज़राइल तथा फ़िलिस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराते हुए कहा कि एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फ़िलिस्तीनी राष्ट्र ही क्षेत्र में स्थायी शांति का आधार बन सकता है।
भारत ने यह भी रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया से उसका लगभग 180 अरब डॉलर का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार, 31 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा खाड़ी सहयोग परिषद के देशों से हर वर्ष 52 अरब डॉलर से अधिक का प्रेषण जुड़ा है। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।