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गुलफूड 2026 में भारत ने भागीदार देश के रूप में कृषि-खाद्य क्षेत्र की ताकत दिखाई

गुलफूड 2026 में भागीदार देश के रूप में भारत ने 161 प्रदर्शकों के साथ कृषि-खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन किया, निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक खाद्य और पेय सोर्सिंग आयोजन गुलफूड 2026 में भारत ने भागीदार देश के रूप में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। दुबई में आज शुरू हुए इस प्रतिष्ठित आयोजन का यह 31वां संस्करण है, जो अपने इतिहास में पहली बार दो स्थानों—दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और एक्सपो सिटी दुबई स्थित दुबई एग्ज़ीबिशन सेंटर—पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) इस आयोजन में भारत की भागीदारी का नेतृत्व कर रहा है। 1,434 वर्ग मीटर में फैले भारतीय पवेलियन का उद्घाटन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत श्री दीपक मित्तल की उपस्थिति में किया।

भारतीय पवेलियन में देश के 25 राज्यों और क्षेत्रों से आए 161 प्रदर्शक शामिल हैं। इनमें निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन, सहकारी संस्थाएं, स्टार्टअप्स, राज्य सरकार की एजेंसियां और राष्ट्रीय संस्थान शामिल हैं। प्रदर्शनी में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, ताजे और जमे हुए उत्पाद, दालें, अनाज, सीरियल्स, पेय पदार्थ और मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन उत्पादों में गुणवत्ता, सततता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है।

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भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (एफआईईओ) भी गुलफूड 2026 में भाग ले रहा है, जहां उसके 11 प्रदर्शक मुख्य रूप से बासमती चावल और अन्य अनाज उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में भाग ले रहा है, जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत में निवेश को बढ़ावा देना है। मंत्रालय, इन्वेस्ट इंडिया के साथ मिलकर खाद्य प्रसंस्करण और उससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर कार्य कर रहा है।

गुलफूड 2026 में भारत की भागीदारी वैश्विक कृषि-खाद्य व्यापार में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद दोनों देशों के बीच मजबूत हुए संबंधों से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों की बाजार पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

26 से 30 जनवरी तक चलने वाले गुलफूड 2026 में 100 से अधिक देशों के 8,500 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। एपीडा का लक्ष्य खरीदार-विक्रेता संपर्क को मजबूत करना और वैश्विक खाद्य मूल्य श्रृंखला में भारत को एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित करना है।

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