भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद को तैयार: जयशंकर, संवाद और कूटनीति पर दिया जोर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के प्रयासों में हर संभव मदद को तैयार है। उन्होंने संवाद, कूटनीति और बातचीत को स्थायी समाधान का रास्ता बताया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के साथ बातचीत के दौरान जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और उसके व्यापक प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युद्ध का हर गुजरता दिन मौत और विनाश बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिश्केक में दिए हालिया संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंतहीन युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। अगर भारत किसी भी तरीके से शांति स्थापित करने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है।
जयशंकर ने वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविक विभिन्न देशों के झंडे वाले जहाजों पर काम करते हैं और कई बार ऐसी घटनाओं से प्रभावित होते हैं। समुद्री परिवहन में बाधाओं का असर ईंधन, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि भारत ने युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन को मानवीय सहायता की 19 खेपें भेजी हैं, जिनमें करीब 160 टन सामग्री शामिल है। इसमें जनरेटर, दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रमुख हैं।
जयशंकर ने भारत-यूक्रेन व्यापार संबंधों पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच दवाइयों, खाद्य एवं कृषि उत्पादों, उर्वरकों, मशीनरी, रसायनों और उपभोक्ता वस्तुओं का व्यापार होता है। युद्ध के कारण व्यापार और परिवहन प्रभावित हुए हैं, लेकिन संबंधों में मजबूती बनी हुई है।
उन्होंने यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की देखभाल के लिए वहां के अधिकारियों का आभार जताया। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने की बात कही।
रूसी तेल की खरीद पर सवाल के जवाब में जयशंकर ने स्पष्ट किया कि युद्ध का समाधान तेल या अन्य वस्तुओं की खरीद-बिक्री से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान संवाद, कूटनीति और बातचीत के जरिए ही संभव है।
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