संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, आतंकवाद और नागरिक हत्याओं को लेकर घेरा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद, नागरिकों की हत्या और अफगानिस्तान में हवाई हमलों का आरोप लगाते हुए उसे मानवता विरोधी गतिविधियों में शामिल बताया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद और नागरिकों की हत्या को लेकर जोरदार हमला बोला। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास नरसंहार और निर्दोष नागरिकों पर हमलों से जुड़ा रहा है।
“सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा” विषय पर आयोजित यूएनएससी की वार्षिक खुली बहस में बोलते हुए हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तान द्वारा की गई सीमा पार सैन्य हिंसा के कारण अफगानिस्तान में 750 नागरिक मारे गए या घायल हुए।
उन्होंने कहा कि यूएनएएमए के दस्तावेजों में दर्ज 95 नागरिक हताहत घटनाओं में से 94 के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल स्थित “ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल” पर बर्बर हवाई हमला किया, जिसमें 269 नागरिकों की मौत हो गई जबकि 122 अन्य घायल हुए।
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हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने में तरावीह की नमाज के बाद किया गया था, जब कई मरीज मस्जिद से बाहर निकल रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल किसी भी तरह से सैन्य ठिकाना नहीं था, फिर भी उसे निशाना बनाया गया।
भारत ने पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय दायित्वों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के सामने शांति और मानवाधिकारों की बात करता है, लेकिन वास्तविकता में वह निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाता है।
भारत ने सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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