अमेरिका में पहलगाम हमले की बरसी पर भारत उठाएगा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा
पहलगाम हमले की बरसी पर भारत अमेरिका में प्रदर्शनी आयोजित कर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को उजागर करेगा और वैश्विक समुदाय से सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
अमेरिका में भारत का दूतावास पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के मौके पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित करने जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह प्रदर्शनी वॉशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल हिल में मंगलवार को आयोजित होगी।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसका शीर्षक “द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म” रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के प्रभाव और इसके पीछे सक्रिय संगठनों की भूमिका को उजागर करना है।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले की पहली बरसी है। इस हमले में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी संगठनों के आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस घटना में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
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प्रदर्शनी में डिजिटल माध्यम से दुनिया भर में हुए बड़े आतंकी हमलों को दर्शाया जाएगा, जिनमें 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई हमले और पहलगाम हमला शामिल हैं। साथ ही इन हमलों के लिए जिम्मेदार संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और अन्य पाकिस्तान से जुड़े तत्वों की भूमिका को भी सामने लाया जाएगा।
भारत इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ऐसी प्रदर्शनी आयोजित कर चुका है। इस पहल के जरिए भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद से होने वाली मानवीय पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने जरूरी हैं।
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते पाकिस्तान खुद को शांति समर्थक के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन इजराइल ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे भरोसेमंद मध्यस्थ मानने से इनकार किया है।