आरबीआई की मौद्रिक नीति से पहले शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत, सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक उछला
आरबीआई की मौद्रिक नीति से पहले भारतीय शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी रही, जबकि निवेशकों की नजर अब केंद्रीय बैंक के फैसले पर है।
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। घरेलू और वैश्विक सकारात्मक संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांकों में शुरुआती कारोबार के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की निगाहें अब आरबीआई की नीति घोषणा पर टिकी हैं, जिससे बाजार की आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक यानी करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,055.38 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 54 अंकों या 0.22 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,669.20 अंक पर पहुंच गया।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस सूचकांक में लगभग 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल्स सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
हालांकि, हेल्थकेयर और दवा कंपनियों के शेयरों पर शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांकों में लगभग 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी के प्रमुख कमजोर शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेट्रीज़, एसबीआई लाइफ, नेस्ले इंडिया, आईटीसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) शामिल रहे।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना और अमेरिकी शेयर बाजारों का रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होना भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, आरबीआई के आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने की संभावना है, क्योंकि इस समय दरों में वृद्धि से देश की आर्थिक विकास गति प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और लगातार छठे कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक कारक हैं। उनका मानना है कि भारतीय शेयर बाजार ऊपरी स्तर पर नए ब्रेकआउट के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.61 प्रतिशत गिरकर लगभग 78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी करीब 2 प्रतिशत टूटकर 74.24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
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