×
 

सिंधु जल संधि मौजूदा स्वरूप में नहीं चलेगी, आतंकवाद बंद होने तक निलंबित रहेगी: सूत्र

सरकारी सूत्रों के अनुसार सिंधु जल संधि मौजूदा स्वरूप में लागू नहीं होगी। पाकिस्तान के आतंकवाद पर विश्वसनीय कार्रवाई करने तक संधि निलंबित रहेगी और पुनर्विचार नई शर्तों पर होगा।

भारत सरकार के शीर्ष सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि (इंडस वाटर्स ट्रीटी) अब अपने मौजूदा स्वरूप में लागू नहीं हो सकती। सूत्रों के अनुसार, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को "विश्वसनीय और स्थायी" रूप से समाप्त नहीं करता, तब तक यह संधि निलंबित ही रहेगी। भविष्य में यदि इस समझौते पर कोई विचार होता भी है, तो वह केवल नई शर्तों और पुनः वार्ता के आधार पर ही संभव होगा।

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का कहना है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद के खिलाफ ठोस और प्रमाणिक कदम नहीं उठाता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान यह गलत धारणा फैलाने की कोशिश कर रहा है कि भारत के फैसले के कारण वहां जल संकट पैदा हुआ है। हालांकि, वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान के पास पर्याप्त जल भंडारण क्षमता नहीं है, पाइपलाइन और नहरों में भारी रिसाव होता है तथा प्रांतों के बीच जल बंटवारे को लेकर लगातार विवाद बने रहते हैं। दावा किया गया कि पाकिस्तान अपने हिस्से के केवल 10 प्रतिशत पानी का ही भंडारण कर पाता है, जबकि करीब 50 प्रतिशत पानी अरब सागर में बह जाता है।

और पढ़ें: यूक्रेन तट के पास मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने रूसी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया कड़ा विरोध

सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि 1960 में हुई यह संधि उस समय की परिस्थितियों और तकनीक के अनुरूप बनाई गई थी। वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों, विशेषकर सीमा पार आतंकवाद, को उस समय ध्यान में नहीं रखा गया था।

सूत्रों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने भारत की कई जल परियोजनाओं का लगातार विरोध कर उनके क्रियान्वयन में देरी की। तुलबुल नौवहन परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा गया कि इससे जम्मू-कश्मीर को लाभ मिल सकता था, लेकिन पाकिस्तान के विरोध के कारण यह लंबे समय तक अटकी रही।

सरकार के अनुसार, भारत अब नई जल परियोजनाओं पर तेजी से काम करेगा और विभिन्न स्थानों पर सर्वेक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं।

और पढ़ें: उद्धव सेना ने शिंदे गुट में छह सांसदों के विलय को मंजूरी देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share