घायल पुलिसकर्मियों के परिवार पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, ड्यूटी पर तैनात जवानों की सुरक्षा और CJP हिंसा भड़काने वालों पर कार्रवाई की मांग
जंतर-मंतर CJP प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा दिशानिर्देश और पुलिस के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन के दौरान घायल हुए चार पुलिसकर्मियों के परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशानिर्देश बनाने और पुलिस के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
यह याचिका एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट, एएसआई संदीप, कांस्टेबल धीरज और एएसआई हेमेंद्र राठी के परिवारों की ओर से दाखिल की गई है। इन सभी पुलिसकर्मियों को CJP के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालते समय चोटें आई थीं।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पुलिसकर्मियों को भी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की समान सुरक्षा मिले। उन्होंने अदालत से संवेदनशील कानून-व्यवस्था परिस्थितियों में तैनात पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए निर्देश जारी करने की अपील की है।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाता है या ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पुलिसकर्मी अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करते हुए जोखिम उठाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
इसके अलावा याचिका में विरोध प्रदर्शन, धरना और अन्य कानून-व्यवस्था अभियानों के दौरान तैनात महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए व्यापक सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार करने की मांग की गई है। परिवारों ने कहा कि स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और न्यायिक दिशानिर्देशों के अभाव में पुलिसकर्मी जोखिम में रहते हैं।
यह याचिका ऐसे समय में दाखिल की गई है जब सुप्रीम कोर्ट सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन के पास ऐसे तत्वों से निपटने के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए जो प्रदर्शनों को हिंसक बनाने की कोशिश करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में पुलिस कार्रवाई के आरोपों पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां की थीं।
और पढ़ें: बांकीपुर उपचुनाव में नीतीश कुमार की अपील, NDA उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में मांगे वोट