ईरान ने अमेरिका पर लगाया बातचीत को जटिल बनाने का आरोप, परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार
ईरान ने अमेरिका पर शांति वार्ता को जटिल बनाने का आरोप लगाया है और साफ किया कि परमाणु कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य पर कोई बातचीत नहीं होगी।
ईरान ने अमेरिका पर शांति वार्ता को जटिल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनने के बावजूद अभी समझौता निकट नहीं है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार बदलते रुख के कारण बातचीत में बाधाएं पैदा हो रही हैं।
ईरान ने कहा कि मौजूदा बातचीत केवल मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करने पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगा।
ईरान ने कहा, “यह सही है कि कई मुद्दों पर निष्कर्ष निकाले गए हैं, लेकिन यह कहना गलत होगा कि समझौता जल्द होने वाला है। अमेरिकी अधिकारियों के लगातार बदलते बयान हर बातचीत को जटिल बना देते हैं।”
और पढ़ें: चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द खोलने की अपील की, ऊर्जा संकट पर बढ़ी चिंता
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन तटीय देशों का विषय है और इस पर बातचीत नहीं होगी। ईरान इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से नेविगेशन और पर्यावरण सुरक्षा सेवाओं के लिए शुल्क वसूलता है।
ईरानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तेहरान के साथ बातचीत में प्रगति के संकेत दिए थे। ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौते के तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम को सौंपना होगा। हालांकि ईरान ने दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा।
इसी बीच ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कतर पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची और केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान कतर में जमे अपने 12 अरब डॉलर के फंड को तत्काल जारी कराने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अमेरिका की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
और पढ़ें: तमिलनाडु के किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विजय ने फसल ऋण माफी योजना का ऐलान किया