पूर्व ईरानी कमांडर का दावा: सऊदी अरब के पास परमाणु हथियार, पाकिस्तान से लीक पर उठे सवाल
ईरान के पूर्व कमांडर ने दावा किया कि सऊदी अरब के पास परमाणु हथियार हैं और पाकिस्तान से सहयोग की आशंका जताई, जिससे मध्य पूर्व में हथियारों की होड़ की चिंता बढ़ी।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व वरिष्ठ कमांडर हुसैन कनानी ने एक बड़ा और विवादित दावा करते हुए कहा है कि सऊदी अरब के पास पहले से ही परमाणु हथियार मौजूद हैं और इस बात की जानकारी अमेरिका और इजराइल दोनों को है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।
कनानी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल की खुफिया एजेंसियां ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करता है तो तेहरान असामान्य तरीके से जवाब दे सकता है, जिसमें इजराइल के खिलाफ कार्रवाई या होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधित करना शामिल हो सकता है।
इन बयानों के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान ने किसी रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब की मदद के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की है। कनानी का कहना है कि सऊदी अरब दुनिया को खुद को गैर-परमाणु देश बताता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है और इस बारे में ईरान, अमेरिका और इजराइल अवगत हैं।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने सऊदी परमाणु क्षमता को लेकर अनौपचारिक सहमति को इजराइल की मान्यता जैसी शर्तों से जोड़ा था। कनानी के अनुसार, अब्राहम समझौते के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चाएं हुई थीं, हालांकि वे आगे नहीं बढ़ सकीं।
हालांकि सऊदी अरब आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार होने से इनकार करता है, लेकिन उसने कई बार कहा है कि यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल करता है तो वह भी परमाणु क्षमता विकसित करेगा। सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सितंबर 2025 में हुआ रणनीतिक रक्षा समझौता दोनों देशों के सैन्य सहयोग को और मजबूत करता है, जिसमें खुफिया साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यास शामिल हैं।
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