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अब वापसी का कोई रास्ता नहीं: विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान की पूर्व महारानी का अल्टीमेटम

ईरान की पूर्व महारानी फराह पहलवी ने कहा कि मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के बाद पीछे हटने का सवाल नहीं है और उन्हें भरोसा है कि अंततः ईरानी जनता विजयी होगी।

ईरान के पूर्व शाह की विधवा और पूर्व महारानी फराह पहलवी ने देश में मौजूदा हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मौलवियों के शासन के खिलाफ उठी विरोध की लहर के बाद अब “पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं” है और उन्हें पूरा भरोसा है कि अंततः ईरानी जनता ही विजेता बनकर उभरेगी। फराह पहलवी ने यह बात एक विशेष साक्षात्कार में कही।

फराह पहलवी को जनवरी 1979 में अपने पति, ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी, के साथ देश छोड़कर निर्वासन में जाना पड़ा था। उसी समय हुई जनक्रांति के बाद ईरान में इस्लामिक रिपब्लिक की स्थापना हुई थी। दशकों बाद भी अपने देश के लिए उनका भावनात्मक लगाव साफ झलकता है। उन्होंने कहा, “आज मेरी इच्छा भी है और मेरी जरूरत भी कि मैं ईरान लौटूं।”

ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक कठिनाइयों के खिलाफ शुरू हुए थे। महंगाई, बेरोजगारी और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से परेशान लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। 8 जनवरी तक ये प्रदर्शन देशभर में फैल गए और सीधे तौर पर 1979 से सत्ता में काबिज इस्लामिक गणराज्य को चुनौती देने लगे।

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हालांकि, इन प्रदर्शनों के जवाब में सरकार की ओर से कड़ा दमन किया गया। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हिंसक कार्रवाई में हजारों लोगों की जान गई है। इसके बावजूद विरोध की भावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

फराह पहलवी का मानना है कि ईरान की जनता अब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है और मौजूदा हालात देश को एक निर्णायक मोड़ पर ले आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों के दमन और संकट के बाद लोग अपने भविष्य को लेकर जागरूक हो चुके हैं। उनके अनुसार, यह संघर्ष केवल सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान, स्वतंत्रता और बेहतर जीवन का है, और इसमें अंततः ईरानी जनता की जीत होगी।

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