ईरान ने होर्मुज जलसंधि पर किया दावा, जहाजों को मिसाइल और ड्रोन खतरे की चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स ने होर्मुज जलसंधि पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया और जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमले के खतरे के प्रति आगाह किया।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने विश्व के महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग होर्मुज जलसंधि पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस जलसंधि से तेल और गैस की महत्वपूर्ण खेपें गुजरती हैं। IRGC ने चेतावनी दी कि कोई भी जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करता है, तो उसे मिसाइल या ड्रोन हमलों का खतरा हो सकता है।
IRGC नौसेना अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा कि, "वर्तमान में होर्मुज जलसंधि इस्लामिक रिपब्लिक की नौसेना के पूर्ण नियंत्रण में है। किसी भी जहाज का पारगमन जोखिम भरा हो सकता है।"
यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो तो वे तेल टैंकरों को होर्मुज जलसंधि में एस्कॉर्ट करें। इसके साथ ही ट्रंप ने यूएस डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) को समुद्री व्यापार में राजनीतिक जोखिम बीमा प्रदान करने का आदेश दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना जलसंधि में टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और विश्व में ऊर्जा की मुक्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
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इससे पहले IRGC ने दावा किया कि उन्होंने हिंद महासागर में एक अमेरिकी विध्वंसक को निशाना बनाया। IRGC के अनुसार, युद्धपोत को "गदर-380" और "तलाइएह" मिसाइलों से टारगेट किया गया, जिससे दोनों जहाजों पर व्यापक आग लगी।
IRGC ने यह ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 नामक अभियान के तहत किया है, जो अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई है। इसके तहत कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में अमेरिकी हितों के खिलाफ भी कई कार्रवाई की गई।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव इस क्षेत्र में और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
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