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होर्मुज के बाद क्या ईरान बाब-एल-मंदेब जलडमरूमध्य भी बंद करेगा? शीर्ष नेता के संकेत से बढ़ी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बाद ईरान ने बाब-एल-मंदेब पर भी संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अवरोध के बीच ईरान ने अब एक और अहम समुद्री मार्ग बाब-एल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। इससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ़ ने कहा कि वैश्विक तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक की कितनी आपूर्ति इस मार्ग से गुजरती है और किन देशों व कंपनियों की इस पर सबसे अधिक निर्भरता है। उनके इन सवालों को रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात लगभग ठप है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। अब यदि बाब-एल-मंदेब भी प्रभावित होता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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इस बीच, ईरान और उसके सहयोगी बलों ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत “वेव 93” अभियान चलाते हुए पश्चिमी गैलीली, हाइफा, कफ्र कन्ना और क्रायोट में इजराइल से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

बाब-एल-मंदेब जलडमरूमध्य, जिसे ‘आंसुओं का द्वार’ भी कहा जाता है, यमन और जिबूती के बीच स्थित है और लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह मार्ग वैश्विक व्यापार का लगभग 10-12% और प्रतिदिन करीब 60 लाख बैरल तेल के परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग बंद होता है, तो जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना पड़ेगा, जिससे 2 से 3 सप्ताह की देरी और परिवहन लागत में भारी वृद्धि होगी।

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