होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिछाई गई माइन्स हटाने में ईरान असमर्थ, रिपोर्ट में बड़ा दावा
रिपोर्ट के अनुसार ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिछाई गई माइन्स का पता लगाने और हटाने में असमर्थ है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है।
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपने द्वारा बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों (माइन्स) का पता लगाने में असमर्थ है और उन्हें हटाने की क्षमता भी उसके पास नहीं है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने युद्ध की शुरुआत के बाद छोटे नावों की मदद से होर्मुज़ में माइन्स बिछाई थीं। इसके साथ ही ड्रोन और मिसाइल हमलों की धमकियों के चलते इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, ये माइन्स “बेतरतीब तरीके” से लगाई गई थीं और यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने उनकी सटीक स्थिति दर्ज की थी या नहीं। यहां तक कि यदि रिकॉर्ड किया भी गया हो, तो संभावना है कि वे समुद्री धाराओं के कारण स्थानांतरित हो गई हों।
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विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री माइन्स को हटाना अत्यंत कठिन कार्य है और इसके लिए उन्नत तकनीक की आवश्यकता होती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न तो ईरान और न ही अमेरिका के पास ऐसी “मजबूत माइन्स हटाने की क्षमता” मौजूद है जो इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर सके।
इस मुद्दे के अमेरिका-ईरान वार्ता में भी शामिल होने की संभावना है, जो शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज़ से सुरक्षित मार्ग के लिए दो सप्ताह का समय तकनीकी सीमाओं के कारण आवश्यक हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य जल्द ही खोला जाएगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं।
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