ईरान के राष्ट्रपति ने UN में मिनाब हमले के पीड़ितों की तस्वीरें दिखाईं, ट्रंप को दी चेतावनी
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र में मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें दिखाईं और कहा कि ईरान आखिरी सांस तक अपनी रक्षा करेगा, बातचीत भी जारी रखेगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान अमेरिका और इजरायल पर ईरान के खिलाफ हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन वह अपनी रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहेगा।
पेजेश्कियन ने अपने भाषण के दौरान मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर भी प्रदर्शित की। पेजेश्कियन ने दावा किया कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी और इजरायली हमलों में खामेनेई की मौत हुई। उनके भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सभागार से बाहर चले गए।
‘आखिरी सांस तक ईरान की रक्षा करेंगे’
पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान पर युद्ध थोपा गया है और देश ने कभी आक्रामक रवैया नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि तेहरान ने बातचीत और कूटनीति के लिए अपनी प्रतिबद्धता कई बार दिखाई है।
उन्होंने कहा, “हम अपने प्यारे ईरान और अपनी मातृभूमि की रक्षा में आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे।”
ईरान को बताया आतंकवाद का पीड़ित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को आतंकवादी बताए जाने पर पेजेश्कियन ने कहा कि ईरानी जनता खुद आतंकवाद की पीड़ित रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में आम नागरिक मारे गए।
मिनाब में स्कूल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बमबारी में बच्चे मारे गए, जिनका कोई अपराध नहीं था। उन्होंने इन हमलों में इस्तेमाल हथियारों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप को दिया जवाब, बातचीत का रास्ता खुला
पेजेश्कियन का भाषण ट्रंप की उस चेतावनी के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने ईरान के भविष्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। इसके जवाब में पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा, लेकिन बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है।
उन्होंने ट्रंप से कहा कि ईरान ताकत की भाषा स्वीकार किए बिना संवाद और वार्ता के लिए तैयार है। परमाणु कार्यक्रम पर उन्होंने इजरायल के परमाणु हथियारों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि ईरान पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जबकि इजरायल पर समान कार्रवाई नहीं होती।
और पढ़ें: अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान ने रखीं 7 शर्तें, ट्रंप को दी निर्णायक युद्ध की चेतावनी