ईरान में सख्त कार्रवाई और इंटरनेट बंदी के बाद थमे देशव्यापी प्रदर्शन
ईरान में सख्त कार्रवाई और इंटरनेट बंदी के बाद प्रदर्शन कमजोर पड़े हैं। हजारों गिरफ्तारियां हुईं, 2,637 मौतों का दावा है, जबकि अमेरिका और वैश्विक समुदाय ने प्रतिबंध और चेतावनी दी है।
ईरान में धार्मिक शासन को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन गुरुवार (15 जनवरी 2026) को लगभग थमते हुए नजर आए। यह स्थिति उस समय सामने आई है जब एक सप्ताह पहले ईरानी अधिकारियों ने देश को बाहरी दुनिया से काटते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और व्यापक व हिंसक कार्रवाई शुरू की। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस दमन में अब तक कम से कम 2,637 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अमेरिका की संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात में नरमी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि हत्याएं अब रुकती हुई प्रतीत हो रही हैं। इसके बावजूद अमेरिका ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के आरोप में ईरान के कई अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रदर्शन पिछले महीने देश की कमजोर अर्थव्यवस्था और मुद्रा के तेज़ पतन के खिलाफ शुरू हुए थे।
राजधानी तेहरान में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल के दिनों में सड़कों पर न तो आगजनी के निशान दिखे और न ही मलबा। कई रातों तक सुनाई देने वाली गोलियों की आवाज़ भी अब थम गई है। इस बीच, ईरानी सरकारी मीडिया लगातार गिरफ्तारियों की खबरें दे रहा है और जिन लोगों को वह “आतंकवादी” बता रहा है, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही, स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट डिशों की भी तलाश की जा रही है, जिससे बाहर की दुनिया तक वीडियो और तस्वीरें पहुंचाई जा सकती थीं।
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ईरान के न्याय मंत्री अमीन होसैन रहीमी ने कहा कि 8 जनवरी के बाद से हालात “पूर्ण युद्ध” जैसे रहे हैं और इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कोई भी व्यक्ति अपराधी माना जाएगा। सरकारी मीडिया ने कथित “आतंकी कार्रवाई” से सैकड़ों दुकानों, सार्वजनिक इमारतों, वाहनों और धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान की सूची भी जारी की है।
इधर, ईरान ने कुछ घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया, जिससे वैश्विक विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के अनुरोध पर आपात बैठक बुलाई है। मानवाधिकार एजेंसियों का कहना है कि मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है, हालांकि ईरानी सरकार ने कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
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