7 दिन में खुल सकता है होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान ने अमेरिका के सामने रखी ये शर्त
ईरान ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य दबाव कम होने और ईरानी बंदरगाहों से नाकाबंदी हटने पर होर्मुज जलडमरूमध्य सात दिनों में फिर खोला जा सकता है।
ईरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाता है, तो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान ने जलमार्ग खोलने के लिए जरूरी शर्तें सामने रखी हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में करीब सात महीने से युद्ध जारी है और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दबाव के बीच ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
ईरान ने रखी दो प्रमुख शर्तें
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों में खोला जा सकता है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को सैन्य दबाव कम करना होगा और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटानी होगी। वॉशिंगटन की ओर से तेहरान पर दबाव जारी रहने के बीच यह प्रस्ताव सामने आया है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने या बंद रहने का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इस समुद्री मार्ग से आमतौर पर दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है। इसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ी है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी शेयर सूचकांक वायदा कारोबार में मिला-जुला रुख देखा गया, जबकि तेल की कीमतों में पहले की बढ़त उलट गई। नवंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 2.6 प्रतिशत गिरकर 97.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अक्टूबर डिलीवरी वाला अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.1 प्रतिशत गिरकर 92.40 डॉलर प्रति बैरल पर था।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना था। ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले को लेकर उन्हें घरेलू स्तर पर भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
जी7 ने हूती हमलों की निंदा की
अलग घटनाक्रम में जी7 ने यमन और सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमलों को रोकने की मांग की। इसमें नागरिक जहाजों पर होने वाले हमले भी शामिल हैं। जी7 ने ईरान से हूती समूह को समर्थन बंद करने का आग्रह किया है।