ईरान का बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े पर बड़ा हमला, 21 सैनिकों की मौत का दावा
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका की नौसेना के पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर बड़ा हमला करने का दावा किया है। रिपोर्टों के अनुसार यह हमला जुफैर जिला, मनामा में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर किया गया, जिसमें 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत होने की बात कही गई है।
यह हमला अमेरिकी नौसेना का पाँचवां बेड़ा के मुख्यालय और नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन के जरिए किया गया। बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद बेस के कई हिस्सों में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।
इससे पहले 28 फरवरी 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी समन्वित हमला किया था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों और शाहेद‑136 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। उस हमले में बेस के रडार सिस्टम, सर्विस बिल्डिंग और सैटेलाइट टर्मिनल को गंभीर नुकसान पहुंचा था। सैटेलाइट तस्वीरों में काला धुआं और कई इमारतों के क्षतिग्रस्त होने के संकेत मिले थे।
ईरान ने इन हमलों को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। ईरान का दावा है कि इस अभियान में उसके कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए।
बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना का पाँचवां बेड़ा फारस की खाड़ी, लाल सागर और अरब सागर के करीब 25 लाख वर्ग मील क्षेत्र की निगरानी करता है। यह बेड़ा वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालिया घटनाओं के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य एक बड़े रणनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है। कई तेल टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों के बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने जहाजों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है।
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