अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप, ईरान ने शांति समझौता किया निलंबित
ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शांति समझौता निलंबित कर दिया। दोनों देशों के बीच फिर बढ़े तनाव से पश्चिम एशिया में अस्थिरता गहराने की आशंका है।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने शनिवार को अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए पिछले महीने हुए शांति समझौते (एमओयू) को निलंबित करने की घोषणा कर दी। तेहरान के इस फैसले से पश्चिम एशिया में हालात फिर से बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने इस्लामाबाद एमओयू के तहत किए गए अपने सभी दायित्वों का उल्लंघन कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके जवाब में ईरान ने भी अपने सभी दायित्वों को स्थगित कर दिया है और फिलहाल देश की सुरक्षा और रक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में फिर से सैन्य हमले हुए हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका अब ईरान के साथ युद्धविराम बनाए रखने में रुचि नहीं रखता और उन्होंने ईरान पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
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वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी हमलों का कड़ा जवाब देने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान बिना किसी डर के अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा।
दोनों देशों के बीच 14 जून को डिजिटल माध्यम से शांति समझौता हुआ था, लेकिन इसके बाद भी एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर कई हमले हुए। ईरान का दावा है कि इन हमलों में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी स्वीकार किया कि ईरानी हमलों में उसके कई सैनिक घायल हुए हैं।
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि उसकी सेनाएं पश्चिम एशिया में पूरी तरह सतर्क हैं और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौसैनिक निगरानी जारी रखते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में नई अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।
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