ईरान के विदेश मंत्री अराघची का दावा, अमेरिका से अप्रत्यक्ष बातचीत हुई, आज जवाब मिलने की उम्मीद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका से अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। तेहरान को मंगलवार को वॉशिंगटन के आधिकारिक जवाब की उम्मीद है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देशों के बीच कतर के मध्यस्थों के जरिए न्यूयॉर्क में अप्रत्यक्ष बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि तेहरान अब वॉशिंगटन के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है और उम्मीद है कि मंगलवार को प्रतिक्रिया मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की गंभीर सुरक्षा स्थिति पर ईरान का पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना था।
अराघची ने कहा कि ईरान ने संकट को हल करने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए एक निष्पक्ष और तार्किक योजना पेश की है। हालांकि, इसके लिए कुछ विशेष शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने इन शर्तों से अमेरिका और अन्य देशों को अवगत कराया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तेहरान की योजना की जानकारी हो।
और पढ़ें: ईरान के मोजतबा खामेनेई की अमेरिका को नई चेतावनी, कहा- दुश्मनों को मध्य पूर्व से बाहर होना पड़ेगा
ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक, हालिया बैठक के दौरान कतर के मध्यस्थों ने मतभेदों को कम करने और ईरान के प्रस्ताव को लागू करने में मदद करने के उद्देश्य से कुछ नए सुझाव दिए। इन सुझावों को अब अमेरिकी अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान पहले भी होता रहा है, लेकिन ईरान के नए प्रस्ताव के बाद यह प्रक्रिया अधिक गंभीर हो गई है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पुष्टि की थी कि सोमवार को अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के मुद्दे पर मध्यस्थों के साथ बातचीत की। हालांकि, उन्होंने वार्ता से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है। पिछले सप्ताह कतर के एक प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका की यात्रा कर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले आर्थिक राहत से जुड़ा ईरान का प्रस्ताव अमेरिकी अधिकारियों के सामने रखा था। अराघची ने सात दिन की योजना भी पेश की थी, जिसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर ईरान जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत हो सकता है।
और पढ़ें: ईरान का दावा- होर्मुज जलडमरूमध्य में दूसरा अमेरिकी ड्रोन कब्जे में लिया, अमेरिका ने दावे को नकारा