ट्रंप–खामेनेई मुलाकात की संभावना नहीं, ईरानी अधिकारी ने अमेरिका पर लगाया शांति वार्ता रोकने का आरोप
ईरान ने ट्रंप–खामेनेई मुलाकात की संभावना को खारिज करते हुए अमेरिका पर शांति वार्ता रोकने का आरोप लगाया। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर तनाव जारी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की इच्छा जताई थी, लेकिन ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने ऐसी किसी भी बैठक की संभावना को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह “स्थिर” हो चुकी है और इसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है।
ईरान के सैन्य सलाहकार मोहन सेन रेजाई ने एक साक्षात्कार में कहा कि अब “गेंद ट्रंप के पाले में है” और उन्हें ही इस गतिरोध को तोड़ना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान संघर्ष को बढ़ाने और इसे फारस की खाड़ी से बाहर ले जाने के लिए भी तैयार है।
रेजाई ने कहा कि वर्तमान में बातचीत अपने पहले चरण में ही अटकी हुई है और ट्रंप की वजह से यह आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रंप और खामेनेई की मुलाकात “संभव नहीं है।”
पिछले सप्ताह ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर सहमति जताई है, लेकिन ईरान ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया था। तेहरान और वॉशिंगटन के बीच सबसे बड़ा विवाद भी यही परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है।
रेजाई ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका चाहता है कि तनाव खत्म हो, तो उसे ईरान की जब्त की गई संपत्तियां वापस करनी होंगी। उन्होंने दावा किया कि ये संपत्तियां ईरानी जनता की हैं, न कि अमेरिका की।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि वह इन फ्रीज्ड संपत्तियों का उपयोग अपने खाड़ी सहयोगियों की मदद के लिए करना चाहता है, जिन्हें हाल के संघर्ष में नुकसान हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी दोनों देशों में टकराव जारी है। ईरान इस मार्ग पर नियंत्रण और शुल्क की बात कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे सभी देशों के लिए खुला रखने पर जोर दे रहा है।
तनाव के बावजूद ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है, लेकिन दोनों देशों के रुख अभी भी कड़े बने हुए हैं।