×
 

ईरान युद्ध का दायरा लाल सागर तक बढ़ा, हूती हमलों से सऊदी तेल ठिकाने निशाने पर

ईरान युद्ध का दायरा लाल सागर और कैस्पियन सागर तक फैल गया है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किया, जबकि अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर हमले रोक रखे हैं।

ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव ने सप्ताहांत में नया मोड़ ले लिया। अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमलों में अस्थायी विराम दिए जाने के बावजूद संघर्ष का दायरा अब लाल सागर और कैस्पियन सागर तक फैलता दिखाई दे रहा है। एक ओर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, वहीं ईरान ने यूक्रेन पर कैस्पियन सागर में उसके एक वाणिज्यिक जहाज़ पर हमला करने का आरोप लगाया।

अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान के खिलाफ उसकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी बनी हुई है, हालांकि लगातार 13 रातों तक चले हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के कारणों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। सप्ताहांत के दौरान ईरान की ओर से पड़ोसी देशों पर भी किसी नए जवाबी हमले की सूचना नहीं मिली।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता हमेशा कूटनीतिक समाधान रही है, लेकिन ईरान को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यदि वह गंभीर वार्ता के लिए आगे नहीं आता तो उसे परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर हमले और तेज़ करने की योजना को रोक दिया है। इसके पीछे संघर्ष के विस्तार, रक्षा भंडार में कमी, खाड़ी देशों के सहयोगियों की नाराज़गी तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव जैसी चिंताएँ बताई जा रही हैं।

और पढ़ें: ईरानी मालवाहक जहाज पर हमले के बाद भड़का तेहरान, यूक्रेन को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

इसी बीच हूती संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने सऊदी सरकारी तेल कंपनी अरामको के जिज़ान और यानबू स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइल हमले किए। मीडिया पर सामने आए वीडियो में जिज़ान स्थित अरामको रिफाइनरी के पास धुएँ का गुबार दिखाई दिया। यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग चार लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण की क्षमता रखती है। वहीं, यानबू में तेल प्रतिष्ठानों की ओर दागी गई दो मिसाइलों को सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने बीच रास्ते में ही मार गिराया।

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर कैस्पियन सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज़ पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना में एक नाविक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मंत्रालय ने तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। दूसरी ओर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि रूस, मध्य पूर्व में अपने उपग्रहों से प्राप्त सूचनाएँ ईरान को उपलब्ध करा रहा है।

यमन में भी तनाव लगातार बढ़ रहा है। सऊदी समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की वायुसेना ने मारीब और अल-जौफ़ प्रांतों में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्ष युद्ध मोर्चों पर अपनी सैन्य तैयारियाँ तेज़ कर रहे हैं। वर्ष 2022 से लागू संघर्ष विराम इस महीने प्रभावी रूप से टूट चुका है। हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब की सभी तेल सुविधाएँ अब उनके निशाने पर हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

और पढ़ें: ईरानी जलक्षेत्र में एलपीजी टैंकर पर हमला, 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित: भारतीय दूतावास

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share