इज़राइल-लेबनान में फिर लागू होगा युद्धविराम, ईरान-अमेरिका वार्ता पर पड़ सकता है बड़ा असर
अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल और लेबनान ने युद्धविराम नवीनीकृत किया है। इससे ईरान-अमेरिका वार्ता की राह आसान हो सकती है, हालांकि तेहरान अभी औपचारिक रूप से बातचीत में नहीं लौटा है।
इज़राइल और लेबनान ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद युद्धविराम (सीजफायर) को फिर से लागू करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में कई पायलट सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे, जहां हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग में हुई चौथे दौर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में की गई। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम तभी प्रभावी रहेगा जब हिज़्बुल्लाह की ओर से सभी हमले पूरी तरह बंद होंगे और लितानी नदी के दक्षिणी क्षेत्र से उसके सभी लड़ाके हट जाएंगे।
समझौते के तहत सुरक्षा क्षेत्रों का नियंत्रण लेबनानी सशस्त्र बलों को सौंपा जाएगा। हालांकि इन क्षेत्रों को लागू करने की विस्तृत योजना अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। संयुक्त बयान में कहा गया कि यह कदम व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की दिशा में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
और पढ़ें: लेबनान में इज़राइली ड्रोन हमलों से 12 लोगों की मौत, दो बच्चे भी शामिल
बयान में यह भी कहा गया कि इज़राइल और लेबनान के भविष्य के संबंधों का फैसला केवल दोनों देशों की संप्रभु सरकारें करेंगी। किसी अन्य देश या गैर-राज्य समूह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसे ईरान के लिए एक अप्रत्यक्ष संदेश माना जा रहा है, क्योंकि तेहरान लंबे समय से हिज़्बुल्लाह का समर्थन करता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्धविराम ईरान और अमेरिका के बीच चल रही व्यापक क्षेत्रीय वार्ताओं के लिए रास्ता साफ कर सकता है। इससे पहले ईरानी अधिकारियों ने दावा किया था कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ जारी इज़राइली सैन्य कार्रवाई के कारण तेहरान ने मध्यस्थों से संपर्क रोक दिया था।
ईरान का कहना रहा है कि किसी भी व्यापक क्षेत्रीय समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए और वहां हमले रुकने चाहिए। वहीं अमेरिका और इज़राइल लगातार कहते रहे हैं कि लेबनान का संघर्ष और ईरान से जुड़ी वार्ताएं अलग-अलग मुद्दे हैं।
हालांकि युद्धविराम की घोषणा के बाद ईरान के वार्ता प्रक्रिया में औपचारिक रूप से लौटने की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। तेहरान ने संकेत दिया है कि वह केवल घोषणा नहीं, बल्कि युद्धविराम के वास्तविक पालन को देखना चाहता है।
और पढ़ें: क्या मध्य पूर्व में खत्म होगा तनाव? ईरान से समझौते को लेकर ट्रंप ने दिए बड़े संकेत