ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकी गलती, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का बयान
ग्रीनलैंड विवाद पर अमेरिकी टैरिफ धमकी को इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने गलती बताया। उन्होंने ट्रंप से बात की और नाटो की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई टैरिफ की धमकी को “एक गलती” करार दिया है। उन्होंने रविवार (18 जनवरी, 2026) को कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने खुद राष्ट्रपति ट्रंप से अपनी राय साझा की है। मेलोनी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है।
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल यात्रा के दौरान बातचीत में प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा, “मेरा मानना है कि आज नए प्रतिबंध या टैरिफ लगाना एक गलती होगी।” उन्होंने बताया कि कुछ ही घंटे पहले उनकी डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने इस विषय पर अपना स्पष्ट मत रखा। इसके अलावा, उन्होंने नाटो के महासचिव से भी चर्चा की, जिन्होंने पुष्टि की कि नाटो इस मुद्दे पर काम शुरू कर चुका है।
हालांकि, यूरोप में ट्रंप की करीबी मानी जाने वाली दक्षिणपंथी नेता मेलोनी ने इस विवाद को ज्यादा तूल न देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, उससे जुड़े इस मामले में यूरोप और अमेरिका के बीच “समझ और संवाद की कमी” रही है।
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गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि उनके ग्रीनलैंड संबंधी कदमों का विरोध जारी रहा तो वे डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि इस बढ़ते संकट में नाटो को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार, नाटो ऐसा मंच है जहां रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों में संभावित शत्रुतापूर्ण हस्तक्षेप के खिलाफ सामूहिक रूप से रोकथाम की रणनीति बनाई जा सकती है। उन्होंने इसे सकारात्मक पहल बताया कि नाटो ने इस दिशा में काम शुरू किया है।
मेलोनी ने यह भी कहा कि अमेरिकी दृष्टिकोण से अटलांटिक के इस पार से जाने वाला संदेश स्पष्ट नहीं था और संभव है कि कुछ यूरोपीय देशों की पहल को अमेरिका-विरोधी समझ लिया गया हो, जबकि ऐसा इरादा नहीं था। राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड जरूरी है।
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