ऑपरेशन सिंदूर पर बयान को लेकर केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की मांग की
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने ऑपरेशन सिंदूर पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (प्रिविलेज मोशन) लाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद को गुमराह किया और देश के सामने गलत जानकारी रखी।
केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि जुलाई 2025 में लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा था कि इस अभियान में कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ। लेकिन एक वर्ष बाद सरकार ने स्वयं स्वीकार किया कि इस अभियान के दौरान छह जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि यह संसद और देश दोनों को गुमराह करने का स्पष्ट मामला है।
उन्होंने कहा कि छह शहीद जवानों के परिवारों और पूरे सशस्त्र बलों के लिए यह बेहद अपमानजनक है कि उनके बलिदान की जानकारी देश से एक वर्ष तक छिपाई गई। उनके अनुसार, जो सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करते हैं, उनके सम्मान और बलिदान को छिपाना उचित नहीं है।
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वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार यदि कोई मंत्री सदन को गुमराह करता है या महत्वपूर्ण जानकारी छिपाता है, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन माना जाता है। इसी आधार पर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के त्याग चक्र पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए। इनमें भारतीय सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरलीनायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह तथा भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। यह पहली बार है जब सरकार ने आधिकारिक रूप से इन शहीदों के नाम सार्वजनिक किए हैं।