व्हाइट हाउस डिनर में किंग चार्ल्स का ट्रंप पर तंज, बोले—न होते हम तो आप फ्रेंच बोलते
व्हाइट हाउस डिनर में किंग चार्ल्स ने ट्रंप पर मजाकिया तंज कसते हुए कहा कि ब्रिटेन न होता तो अमेरिकी फ्रेंच बोलते। दोनों नेताओं के बीच हास्यपूर्ण बातचीत चर्चा में रही।
व्हाइट हाउस में आयोजित एक भव्य राजकीय रात्रिभोज के दौरान ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में हुई बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने जहां अमेरिका और ब्रिटेन के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित किया, वहीं हास्य और इतिहास के मिश्रण ने माहौल को खुशनुमा बना दिया।
कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण तब सामने आया जब किंग चार्ल्स ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए मजाक में कहा कि अगर उत्तरी अमेरिका के शुरुआती इतिहास में ब्रिटेन की भूमिका नहीं होती, तो आज अमेरिकी लोग फ्रेंच भाषा बोल रहे होते। उन्होंने ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के बिना यूरोप जर्मन बोल रहा होता। इस पर किंग चार्ल्स ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर हम न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते,” जिससे सभा में जोरदार ठहाके गूंज उठे।
उन्होंने आगे 1814 में ‘बर्निंग ऑफ वॉशिंगटन’ की घटना का जिक्र करते हुए इसे व्हाइट हाउस के असफल “रीयल एस्टेट रीडेवलपमेंट” के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही बोस्टन टी पार्टी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डिनर उस ऐतिहासिक विरोध से कहीं बेहतर है।
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ट्रंप ने भी जवाब में हास्यपूर्ण अंदाज अपनाया और कहा कि किंग चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस में अपने संबोधन से वह कर दिखाया, जो वे खुद डेमोक्रेट्स से नहीं करवा सके—खड़े होकर तालियां बजवाना।
इस हल्के-फुल्के माहौल के बीच दोनों नेताओं ने अमेरिका-ब्रिटेन के ऐतिहासिक संबंधों को महत्वपूर्ण बताया और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह शाम कूटनीति, इतिहास और हास्य का अनोखा संगम साबित हुई।
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