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लालू प्रसाद यादव के करीबी मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल, राजद को लगा बड़ा झटका

राजद के पूर्व प्रवक्ता और लालू प्रसाद यादव के करीबी मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल हो गए। उनके पार्टी छोड़ने से बिहार की राजनीति में राजद को बड़ा झटका माना जा रहा है।

बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और लंबे समय तक राजद का प्रमुख चेहरा रहे मृत्युंजय तिवारी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की।

मृत्युंजय तिवारी ने 16 जुलाई को राजद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी के कामकाज को लेकर बढ़ती नाराजगी और संगठन में खुद को लगातार नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब औपचारिक रूप से सही साबित हो गई हैं।

तिवारी कई वर्षों तक राजद के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं। वह टेलीविजन बहसों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते थे। उन्हें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का करीबी माना जाता था। तिवारी कई मौकों पर कह चुके हैं कि लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हमेशा उनका सम्मान किया और उनका समर्थन किया।

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हालांकि, तिवारी का कहना था कि पिछले कुछ समय से संगठन में उनकी भूमिका को महत्व नहीं दिया जा रहा था और लगातार उपेक्षा के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

भाजपा में शामिल होने के बाद मृत्युंजय तिवारी की नई राजनीतिक भूमिका को बिहार की आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उनके भाजपा में आने से पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती मिल सकती है, जबकि राजद के लिए यह नुकसान के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार में आने वाले राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए सभी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में राजद के एक पुराने और चर्चित चेहरे का भाजपा में जाना राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकता है।

तिवारी के भाजपा में शामिल होने से यह भी संकेत मिल रहा है कि चुनावी माहौल से पहले नेताओं के दल बदलने का सिलसिला और तेज हो सकता है।

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