मैक्रों ने गाजा की स्थिति को बताया शर्मनाक, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल
इमैनुएल मैक्रों ने गाजा की मानवीय स्थिति को शर्मनाक बताया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को प्राथमिकता दी, जबकि कतर ने कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए गाजा की स्थिति को ‘शर्मनाक’ बताया और संकट पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर गाजा को लेकर दुनिया निष्क्रिय बनी रहती है तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।
मैक्रों ने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि शांति स्थापित हो गई है, लेकिन इससे मानवीय सहायता की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। उन्होंने गाजा में मानवीय स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए मैक्रों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘ब्लैकमेल’ के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जलमार्ग को दोबारा खोलना प्राथमिकता है और जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना सभी के हित में है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का सुरक्षित आवागमन होना चाहिए। उन्होंने इसके साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को भी प्राथमिकता बताया।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण क्षेत्र बेहद खतरनाक दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार, संकट का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से संभव है।
कतर ने कूटनीति पर दिया जोर
शेख तमीम ने कहा कि एक ‘विश्वसनीय मध्यस्थ’ के रूप में कतर क्षेत्र में स्थायी समाधान हासिल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए फिर से खोलने को युद्ध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि कतर क्षेत्रीय संघर्ष का कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और साथ ही अपने क्षेत्र तथा संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जॉर्डन के राजा ने इजरायल की कार्रवाई पर जताई आपत्ति
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने भी गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी तट की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अधिक कड़ा रुख अपनाने का आग्रह किया।
अब्दुल्ला ने इजरायली सरकार पर गाजा में युद्ध लंबा खींचने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिमी तट में बस्तियों से जुड़ी नीतियों और बढ़ती हिंसा को लेकर भी चिंता जताई।
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