सुवेंदु अधिकारी के शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से संयुक्त मंच बनाने की अपील की
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और एनजीओ से भाजपा के खिलाफ संयुक्त मंच बनाकर एकजुट होने की अपील की।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार के गठन और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के सभी विपक्षी राजनीतिक दलों से “संयुक्त मंच” बनाने का आग्रह किया ताकि भाजपा का सामूहिक रूप से मुकाबला किया जा सके।
ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी ताकतों को साथ आना होगा। उन्होंने छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से भी भाजपा विरोधी मोर्चे में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य में हालिया विधानसभा चुनावों के बाद जो राजनीतिक परिस्थितियां बनी हैं, उनमें लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा बेहद जरूरी हो गई है। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा विभाजनकारी राजनीति कर रही है और इसके खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की जरूरत है।
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी विपक्षी एकता के जरिए भाजपा के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देने की रणनीति तैयार कर रही हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तृणमूल कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ समन्वय बनाकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ संघर्ष को तेज करेगी।
ममता की इस अपील के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
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