ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले एक और जहाज पर हमले की खबर झूठी, विदेश मंत्रालय ने कहा- सभी नाविक सुरक्षित
विदेश मंत्रालय ने ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज एमटी लिआकी फ्रीडम पर हमले की खबरों को खारिज किया। सरकार ने कहा कि सभी नाविक सुरक्षित हैं।
भारत सरकार ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले एक और जहाज को निशाना बनाया गया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने स्पष्ट किया कि संबंधित जहाज के सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले की खबरें गलत हैं।
दरअसल, कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मार्शल द्वीप ध्वज वाले तेल एवं रासायनिक टैंकर एमटी लिआकी फ्रीडम पर ओमान की खाड़ी में हमला हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, जहाज ने वीएचएफ (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी) संचार का जवाब देना बंद कर दिया था, जिसके बाद हमले की आशंका जताई गई। यह भी कहा गया कि जहाज पर कई भारतीय नाविक सवार थे और हताहतों की आशंका है।
हालांकि विदेश मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय ने बताया कि अधिकारियों ने जहाज के कप्तान से सीधे संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी प्रकार का हमला नहीं हुआ है।
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वैश्विक स्तर पर नाविकों का प्रतिनिधित्व करने वाले फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने भी पहले हमले की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में संगठन ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि चालक दल ने स्पष्ट किया है कि जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में ओमान के तट के निकट भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए हैं। 8 जून को एमटी मेरिवेक्स, 10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो और 11 जून को एमटी जलवीर को निशाना बनाया गया था। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी।
भारत ने इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए अमेरिका के उप मिशन प्रमुख जेसन मीक्स को दो बार तलब किया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे घातक हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि तेहरान ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
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