स्कूलों में एआई के इस्तेमाल पर मेलानिया ट्रंप की चेतावनी, छात्रों से रचनात्मकता के लिए तकनीक अपनाने की अपील
मेलानिया ट्रंप ने स्कूलों में एआई के अत्यधिक उपयोग से सावधान करते हुए कहा कि यह रचनात्मकता बढ़ा सकता है, लेकिन अधिक निर्भरता बच्चों की सोचने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है।
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से लाखों छात्र अपनी रचनात्मकता को नई दिशा दे सकते हैं, लेकिन अगर इस पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ी तो यह बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
शुक्रवार को आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान मेलानिया ट्रंप ने एआई के उपयोग पर अपने विचार साझा किए। ‘AI for Tomorrow’s Leaders’ शीर्षक से आयोजित इस वेबिनार को ज़ूम द्वारा प्रायोजित किया गया था, जिसमें देशभर के के-12 (K-12) स्तर के छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एआई को त्वरित समाधान के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
मेलानिया ट्रंप ने छात्रों को याद दिलाया कि इतिहास की हर महान उपलब्धि मानव जिज्ञासा, मेहनत और कल्पनाशीलता का परिणाम रही है, न कि एल्गोरिदम का। उन्होंने कहा कि तकनीक एक उपकरण है, लेकिन इसे मानव सोच का विकल्प नहीं बनना चाहिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि एआई का सही इस्तेमाल छात्रों को नई चीजें सीखने, समस्याओं के समाधान खोजने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हालांकि, यदि छात्र हर प्रश्न का उत्तर पाने के लिए केवल एआई पर निर्भर हो जाएं, तो इससे उनकी आलोचनात्मक सोच और रचनात्मक क्षमता कमजोर हो सकती है।
मेलानिया ट्रंप ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग के लिए मार्गदर्शन दें। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि सोचने, सवाल पूछने और नए विचार विकसित करने की क्षमता पैदा करना है।
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