यह युद्ध का अंत नहीं: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का युद्धविराम पर सख्त संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने युद्धविराम को अस्थायी बताया। उन्होंने सेना को फायरिंग रोकने का आदेश दिया, लेकिन हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी।
ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष का अंत नहीं है। सरकारी प्रसारण संस्था इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) पर प्रसारित बयान में उन्होंने कहा कि सभी सैन्य इकाइयों को फायरिंग रोकने का आदेश दिया गया है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है और सभी सैन्य शाखाओं को उनके आदेश का पालन करते हुए ऑपरेशन रोकना होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया। परिषद ने अपने बयान में कहा कि यह युद्ध का अंत नहीं है और यदि दुश्मन की ओर से जरा सी भी गलती होती है, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। बयान में कहा गया कि “हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं” और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत से प्रतिक्रिया दी जाएगी।
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इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह दोनों पक्षों का साझा निर्णय है और इस दौरान ईरान पर बमबारी नहीं की जाएगी।
ईरान ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह जल्द ही अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 10 अप्रैल से दोनों देशों के बीच वार्ता होने की संभावना है, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि आमने-सामने बातचीत को लेकर चर्चा जारी है। वहीं, ट्रंप ने कहा कि ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव भविष्य के समझौते के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है।
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