मानसून का कहर: असम में 82, केरल में 6 की मौत, ओडिशा में हाई अलर्ट; केंद्र ने जारी किए 2,117.85 करोड़ रुपये
असम, केरल और ओडिशा समेत सात राज्यों में बाढ़ और भारी बारिश से हालात गंभीर हैं। केंद्र ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2,117.85 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की।
देशभर में मानसून का कहर लगातार जारी है। असम, केरल और ओडिशा समेत सात राज्यों में बाढ़ और भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत 2,117.85 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि जारी करने की मंजूरी दी है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर घटा है, लेकिन अब भी करीब 1.93 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन राहत शिविरों के संचालन और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है।
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश से छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य अब भी लापता हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, विभिन्न एजेंसियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मदद से खोज एवं बचाव अभियान जारी है। राज्य सरकार ने 65 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 1,465 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। बारिश के कारण 17 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि 127 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कोझिकोड के अनक्कमपोयिल में 35 घंटे में 340 मिमी और वायनाड के मेप्पाडी में 177 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
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वहीं ओडिशा में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के 20 जिलों में 8.34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। महानदी, सलांदी, ब्रह्मणी, बैतरणी, जलाका और बूढ़ाबलंग नदियों के उफान से निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। हीराकुंड बांध के 22 गेटों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबर्णपुर, नयागढ़, कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। भद्रक, जाजपुर, बालासोर और मयूरभंज सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहत कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश और ओडिशा को एसडीआरएफ की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी करने की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार ने कहा कि प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
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