लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वांटेड आतंकी हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह सजिद जट्ट पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ट्रेस, कई हमलों से जुड़ाव
लश्कर आतंकी हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह सजिद जट्ट पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ट्रेस हुआ। वह जम्मू-कश्मीर के कई आतंकी हमलों और पहलगाम हमले से जुड़ा पाया गया है।
भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय ऑपरेटिव हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह सजिद जट्ट पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ट्रेस किया गया है। ताजा खुफिया और फॉरेंसिक जांच में उसका संबंध जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों, जिसमें हालिया पहलगाम हमला भी शामिल है, से जोड़ा गया है।
हबीबुल्लाह अपने पहचान छिपाने के लिए सलीम और सैफुल्लाह जैसे नामों का इस्तेमाल करता था। वह पाकिस्तान के पंजाब स्थित कसूर जिले का रहने वाला है और बाद में कश्मीर के यारीपोरा (कुलगाम) में रहकर स्थानीय महिला शब्बीरा कुटचे से शादी कर वहां अपनी पैठ बना ली थी।
2007 तक वह गैर-स्थानीय नागरिकों की कई हत्याओं में शामिल पाया गया। वह घुटने के नीचे कृत्रिम पैर के कारण स्थानीय स्तर पर “लंगड़ा” के नाम से भी जाना जाता था। उसी वर्ष वह अपने एक वर्षीय बेटे उमर को छोड़कर अपनी भारतीय पत्नी के साथ पाकिस्तान लौट गया और वहां से क्रॉस-बॉर्डर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने लगा।
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पाकिस्तान लौटने के बाद वह कसूर में डेयरी व्यवसाय की आड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा और नियमित रूप से आतंकी ट्रेनिंग लेता रहा। 2012 में लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी ने उसे कश्मीर ऑपरेशनों में प्रमुख भूमिका दी।
इसके बाद उसने पीओके कैंपों में आतंकियों को प्रशिक्षण देना, जम्मू-कश्मीर में हमलों की योजना बनाना और सक्रिय मॉडल से संपर्क बनाए रखना शुरू किया।
उसका नाम हबीदपुरा हमला (2013), डीकेजी हमला, सुरनकोट हमला और 2024 में रियासी बस हमला जैसी घटनाओं से भी जुड़ा पाया गया, जिसमें 9 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 में उसने व्हाट्सऐप के जरिए पहलगाम (बैसरन घाटी) के लोकेशन को आतंकियों तक भेजा, जिसके बाद वहां हमला हुआ। बाद में ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद बरामद मोबाइल से यह सबूत सामने आया।
फॉरेंसिक जांच ने पुष्टि की कि इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर सीधे हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह से जुड़ा था, जिससे उसके कमांड और ग्राउंड ऑपरेशनों के बीच मजबूत संबंध साबित हुआ है।
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