म्यांमार संसद का आयोजन, सेना तैयार कर रही है शासन के नए युग की शुरुआत
म्यांमार की संसद 5 वर्षों बाद पुनः एकत्र हुई, जहां सेना समर्थित पार्टी यूएसडीपी के प्रभुत्व में शासन की नई दिशा तय होगी।
म्यांमार की संसद 16 मार्च 2026 को पहली बार पांच वर्षों के बाद एकत्रित हुई। यह क़दम लोकतंत्र की ओर वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि इस पर सेना का नियंत्रण बरकरार है।
हाल ही में हुए चुनाव में सेना समर्थित यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (USDP) का दबदबा था, जिसमें कम मतदान और विपक्ष का लगभग न होना था। इसी चुनाव के बाद संसद का आयोजन हुआ है। म्यांमार की सेना ने 2021 में आंग सान सू की की सरकार को उखाड़ फेंका था, जब वह दूसरी बार निर्वाचित होने की तैयारी कर रही थी।
यूएसडीपी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर-जनरल खिन यी को निचले सदन का अध्यक्ष चुना गया। उनका चयन सेना के एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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यह चुनाव और संसद की बैठकों को पश्चिमी देशों ने सैन्य शासन को वैध बनाने का एक प्रयास माना है। यूएसडीपी ने 81% सीटों पर कब्जा किया है, और संसद में सेना के द्वारा नियुक्त कई सैन्य अधिकारी भी होंगे। संविधान के अनुसार, सेना को संसद के एक चौथाई सीटें दी जाती हैं।
सेना के नियंत्रण में संसद और नए "सुपर-बॉडी" के गठन से यह स्पष्ट होता है कि म्यांमार में सत्ता की बागडोर पूरी तरह से सैन्य नेतृत्व के हाथों में है।
यह नई सरकार अप्रैल में बनेगी और सैन्य नेतृत्व का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय सजा में ढील और निवेश में वृद्धि होगी।
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