×
 

नासा ने आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, 2027 में नया डॉकिंग परीक्षण मिशन

नासा ने आर्टेमिस कार्यक्रम में 2027 का नया डॉकिंग परीक्षण मिशन जोड़ा। SLS उन्नयन रद्द कर उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया, चंद्र लैंडिंग से पहले अतिरिक्त परीक्षण होंगे।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अपने प्रमुख आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। एजेंसी ने 2027 के लिए एक नया मिशन जोड़ा है, जिसमें पृथ्वी की निचली कक्षा में अंतरिक्ष यान की डॉकिंग (जुड़ाव) क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। यह कदम आधी सदी से अधिक समय बाद चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की योजना से पहले उठाया गया है।

27 फरवरी 2026 को की गई घोषणा के अनुसार, यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब चीन 2030 तक मानवयुक्त चंद्र मिशन के अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि मानव मिशन से पहले और अधिक परीक्षण आवश्यक हैं। फिलहाल चंद्रमा पर अगला मानव मिशन आर्टेमिस-IV के तहत 2028 में प्रस्तावित है।

नासा ने अपने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के उन्नयन की योजना भी रद्द कर दी है। अब एजेंसी का ध्यान SLS के उत्पादन और उड़ान दर बढ़ाने पर रहेगा, जो नए रॉकेटों की तुलना में धीमी रही है। इस निर्णय से बोइंग का लगभग 2 अरब डॉलर का अनुबंध प्रभावित हुआ है, जो SLS के अधिक शक्तिशाली ऊपरी चरण के निर्माण से जुड़ा था।

और पढ़ें: NASA की पहली मेडिकल इवैक्यूएशन के बाद ISS के लिए नई अंतरिक्ष टीम रवाना

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन इस कार्यक्रम के लिए लूनर लैंडर विकसित कर रही हैं। वहीं, बोइंग और नॉर्थरोप ग्रुम्मन SLS का निर्माण करते हैं और लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित ओरियन कैप्सूल अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्र लैंडर तक पहुंचाएगा।

अपडेटेड आर्टेमिस-III मिशन में ओरियन कैप्सूल निचली पृथ्वी कक्षा में लूनर लैंडर से डॉकिंग का प्रदर्शन करेगा, जो चंद्रमा मिशन की दिशा में एक अहम चरण माना जा रहा है।

और पढ़ें: तुर्की शांति प्रक्रिया में कानून जरूरी: जेल में बंद PKK नेता अब्दुल्ला ओजलान

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share