मुख्यमंत्री फडणवीस के आश्वासन के बाद नासिक से मुंबई लंबा मार्च 28 जनवरी को वापस लिए जाने की संभावना
मुख्यमंत्री फडणवीस के आश्वासन के बाद भूमि अधिकारों को लेकर नासिक से मुंबई जा रहा किसानों का लंबा मार्च 28 जनवरी को वापस लिए जाने की संभावना है।
भूमि अधिकारों की मांग को लेकर नासिक से मुंबई तक निकाला गया लंबा मार्च 28 जनवरी, 2026 को वापस लिए जाने की संभावना है। यह मार्च 3 फरवरी को मुंबई पहुंचने वाला था, लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रतिनिधिमंडल को दिए गए आश्वासन के बाद इसे समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है।
मंगलवार (27 जनवरी, 2026) दोपहर को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और ऑल इंडिया किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र सरकार के पांच मंत्रियों और कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य सचिवालय में कई घंटों तक बैठक की। इस बैठक में किसानों की भूमि से जुड़ी समस्याओं, वन अधिकार, लंबित मामलों और नीतिगत मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ में मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने किसानों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया। इसी आश्वासन के आधार पर किसान संगठनों ने मार्च को वापस लेने पर विचार करने का संकेत दिया है।
नासिक से शुरू हुआ यह लंबा मार्च मुख्य रूप से आदिवासी और छोटे किसानों के भूमि अधिकारों, वन पट्टों, कर्ज राहत और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे मुद्दों पर केंद्रित था। बड़ी संख्या में किसान पैदल यात्रा करते हुए मुंबई की ओर बढ़ रहे थे, जिससे रास्ते में कई जिलों में जनसमर्थन भी मिला।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन लिखित रूप में और ठोस कार्ययोजना के साथ सामने आते हैं, तो आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में भविष्य में आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा।
सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई इस बातचीत को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे टकराव की बजाय संवाद के जरिए समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
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