वाराणसी में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू मुठभेड़ में ढेर
वाराणसी में 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराया। वह टीपीसी कमांडर और एनआईए का वांटेड था।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया गया। बृजेश झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) का कमांडर था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भी आतंकवादी फंडिंग से जुड़े मामले में उसकी लंबे समय से तलाश थी।
जानकारी के मुताबिक, बृजेश गंझू कई वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर कुल 30 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और एनआईए की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम शामिल था।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को वाराणसी में बृजेश गंझू की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान चलाया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में बृजेश मारा गया। ऑपरेशन की पूरी जानकारी और घटनास्थल से बरामदगी को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
और पढ़ें: वाराणसी में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मुठभेड़ में ढेर
टंडवा टेरर फंडिंग केस में था वांटेड
बृजेश गंझू का नाम एनआईए की जांच में सामने आए टंडवा टेरर फंडिंग मामले से जुड़ा था। उस पर टीपीसी के लिए कथित तौर पर लेवी वसूली और आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग से जुड़े आरोपों की जांच चल रही थी। एनआईए ने उसे इस मामले में वांटेड घोषित किया था।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी ऑपरेशंस नरेंद्र सिंह ने बताया कि झारखंड पुलिस को एसटीएफ के आईजी से सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह वाराणसी में सुबह हुई मुठभेड़ में मारा गया। उन्होंने बताया कि बृजेश पर 30 लाख रुपये का इनाम था और एनआईए ने उसे कई मामलों में वांटेड घोषित किया था।
मुठभेड़ के बाद मामले की आगे की जांच की जा रही है।